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प्रकाशन विभाग(Publishing Department)

 

 

कामेश्वरसिंहदरभंगा-सामान्य प्रतिवेदन

HANDBOOK OF INFORMAITION 2019 *COURSES OFFERED *RULES OF ADMISSION

Profile of University

वर्ष 2010—11 में कुल 80,000 पञ्चाङ्ग विश्वविघालय द्वारा मुद्रित कराये गये थे। जिनमें लगभग 42486 पञ्चाङ्ग की नगद विक्री हुई । इससे लगभग 7,01,942/— रू0 मात्र कुल आय हुई है । पञ्चाङ्ग के मुद्रण में 5,74,600/— रू0 व्यय हुए थे । इस प्रकार आय—व्यय के लेखा—जोखा के उपरान्त पञ्चाङ्ग मुद्रण से लगभग 1,27,342/— रू0 (एक लाख सत्ताईस हजार तीन सौ व्यालीस रुयपे) मात्र शुद्ध मुनाफे की प्राप्ति हुई ।

वर्ष 2010—2011 में निम्नलिखित गं्रथों को मुद्रित कराया होकर प्राप्त हुए हैं जिसका विक्रय चल रहा है

1. वर्षकृत्यम् (पूर्व खण्ड) 2. खण्डबलाराज विरुदावली 3. तत्त्वनिर्णयः 4. स्मृतितत्त्वविवेकः 5. गृहस्थरत्नाकरः 6. तत्त्वचिन्तामणिप्रभा 7. मध्यसिद्धान्तकौमुदी (समास प्रकरणम्) हिन्दी व्याख्या सहित 8. मिथिला एवं कालीदास

विश्वविघालय अनुदान आयोग के 12 वीं योजनान्तर्गत विभिन्न ग्रन्थों का मुद्रण कार्य अभी प्रक्रियान्तर्गत है ।

पञ्चाङ्गप्रकाशन

विश्वविघालय द्वारा पिछले 36 वर्षो से निरंतर विश्वविघालय पञ्चाङ्ग का प्रकाशन किया जा रहा है। बिहार के प्रतिष्ठित पण्डितों की सभा द्वारा यह प्रामाणिक रूप में में प्रस्तुत किया जाता है। समाज में इस पञ्चाङ्ग को पूरा विश्वास प्राप्त है। इस क्षेत्र के अधिकतर लोग विश्वविघालय पञ्चाङ्ग के आधार पर ही धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों का सम्पादन करते हैं। इस पञ्चाङ्ग प्रकाशन से विश्वविघालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई है।

विश्वविघालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक एवं विक्रयनियम --> Download

 

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