NAAC Accredited with CGPA of 2.70 at ‘B’ Grade


शिक्षाशास्त्र विभाग (Department of Education)

 

 

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् (N C T E) के पत्रांक 1927 (11) दिनांक 26.06.2005 ई0 एवं बिहार सरकार शिक्षाविभाग के पत्रांक 780 दिनांक 07.06.2003 ई0 के द्वारा मान्यता एवं स्वीकृति के पश्चात् शिक्षाशास्त्र विभाग की स्थापना के साथ स्ववित्तपोषित योजनान्तर्गत शिक्षाशास्त्री (B.Ed) पाठ्यक्रम का प्रारम्भ श्ौक्षणिक सत्र 2005—06 से किया गया है । इस पाठ्यक्रम में N C T E के उपर्युक्त मान्यता सम्बन्धी पत्र में निर्दिष्ट संख्या के अनुसार प्रतिसत्र 100 (एक सौ) छात्रों का नामाङक्न कर्त्तव्य है ।

इस विभाग में तत्काल निम्नलिखित शिक्षक कार्यरत हैं :—

  नाम पद एवं कोटि    मोo नंo
1 डॉ० घनश्याम मिश्र निदेशक सह प्रधानाचार्य, प्रतिनियोजित  9905831623
2 डॉ० नन्द किशोर चौधरी प्राध्यापकप्रतिनियोजित  9430485371
3 डॉ० राम नन्दन झा प्राध्यापक, 9430837440
4   डॉ० रीता सिंह प्राध्यापक, 9204780693
5 डॉ० ऋद्धिनाथ झा प्राध्यापक,  8292185975
       
       
कार्यरत कर्मचारी  
  नाम  पद मोoनंo
1 श्री राजेश कुमार झा तकनीकी सहायक 9473423919
2 श्री पवन कुमार चौधरी कार्यालय सह लेखा सहायक 7870683818
3 श्री श्रीधर कुमार   भण्डारपाल 7631523900
4 श्री सूर्यमोहन कुमार  पुस्तकालय सहायक 9507989737
5  श्री राकेश कुमार आदेशपाल 8084286952
6 श्री अरूण कुमार शर्मा कार्यालय प्यून  7549797722

 

नामांकित छात्रों की संख्या (2016-2018)--- 96

नामांकित छात्रों की संख्या (2017-2019)--- 92

2013 — 14 वर्षीय शिक्षाशास्त्र विभागीय प्रतिवेदन

सत्र 2013—14 वर्षीय शिक्षाशास्त्री (B Ed) पाठ्यक्रम में नामांकन प्रक्रिया उतार—चढ़ाव भरा रहा । नामांकन प्रक्रिया फरवरी 2013 से ही प्रारम्भ कर दी गई थी । तथा 13 जुलाई से वर्गारम्भ करने की योजना थी। किन्तु नामांकन हेतु आयोजित शिक्षाशास्त्री प्रवेश परीक्षा के परीक्षा परिणाम पर माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा CWJC नं. 12743/13, 12858/13 एवं 12859/13 में रोक लगा दी गई । फलतः माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में परीक्षाफल प्रकाशित नहीं होने के कारण जुलाई से वर्गारम्भ नहीं किया जा सका ।

तदुपरान्त विश्वविघालय द्वारा उक्त याचिकाओं से सम्बन्धित सभी तथ्यों के उपस्थापन के वाद माननीय उच्च न्यायालय पटना ने अपने 12.12.2013 दिवसीय आदेश के द्वारा याचिकाओं को निरस्त कर दिया ।

फलस्वरूप विभाग द्वारा युद्धस्तर पर सभी कार्यवाहियों का सम्पादन कर नामांकन कार्य पुरा करते हुये दिनांंक 13.12.2013 को माननीय कुलपति डा० राम चन्द्र झा के साथ डा० श्रीपति त्रिपाठी, धर्मशास्त्र विभाग, स्नातकोत्तर साहित्य विभागाध्यक्ष, कुलसचिव एवं सभी विभागीय प्राध्यापकों की उपस्थिति में वर्गारम्भ किया गया। विभागीय वर्ग का संचालन नियमित रूप से दो वर्गो में किया गया ।

दूरस्थ छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व शिक्षाशास्त्री परीक्षावेदन प्रपत्र सह मार्गनिदेशिका को विभागीय निदेशक डा० घनश्याम मिश्र के निदेशानुसार विभागीय स्तर पर कम्प्यूटरीकृत कर पहली बार विभागीय वेव साईट पर जारी किया गया । फलस्वरूप वर्तमान सत्र में अपेक्षाकृत छात्रों की संख्या में संतोेषजनक वृद्धि हुई।

शिक्षाशास्त्री छात्राध्यापकों के संस्कृत सम्भाषणजन्य कर्मियों को ध्यान में रखते हुये विभागीय निदेशक डा० घनश्याम मिश्र के निर्देशन में सत्र के प्रथम सप्ताह में शिक्षाशास्त्री छात्राध्यापकों के मध्य "संस्कृत सम्भाषण’’ का दस दिवसीय विशेष कक्षा का आयोजन किया गया । जिसमें प्रथम वर्ग 'ए’ का संचालन डा० उदय शंकर झा एवं द्वितीय वर्ग 'बी’ का संचालन डॉ० ऋद्धिनाथ झा के द्वारा किया गया । ंिजसमें छात्राध्यापकों को कक्षीय कार्य के दौरान संस्कृत में बात—चीत करने की कला सीखायी गयी । इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विभागीय प्राध्यापकों का योगदान प्रशंसनीय रहा ।

बिहार दिवस के अवसर पर शिक्षाशास्त्री छात्र एवं अध्यापकों के मध्य "वर्तमान काले संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षणस्य आवश्यकता अस्ति न वा’’ विषय पर शिक्षाशास्त्रीय छात्राध्यापको खण्ड ट्टए’ वनाम खण्ड ट्टबी’ के बीच वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन विभाग में किया गया । जिसमें वर्ग 'ए’ का संचालन डा० उदय शंकर झा, डा० रामनन्दन झा, डा० रीता सिंह एवं वर्ग 'बी’ नन्द किशोर चौधरी, डॉ० ऋद्धिनाथ झा, डा० धैर्यनाथ चौधरी एवं डा० लालति कुमारी के द्वारा किया गया । इस प्रतियोगिता को सफल बनाने में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का योगदान प्रशंसनीय रहा ।

भारतीय संविधान के निर्माता डा० भीम राव अम्वेडकर की जयंती दिनांक—14.04.2014 को शिक्षाशास्त्र विभाग के निदेशक की अध्यक्षता में विभागीय अध्ययन कक्ष में जयंती समारोह का आयोजन किया गया । जिसमें विभाग के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र/छात्राए उपस्थित थे ।

शिक्षाशास्त्री पाठ्यक्रम में संशोधनार्थ दिनांक 22.02.2014 को निदेशक डा० घनश्याम मिश्र की अध्यक्षता में एक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया । जिसमें विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो० विनय कुमार चौधरी, प्राचार्य दूरस्थ शिक्षा निदेशालय, ल०ना०मिथिला विश्वविघालय, दरभंगा एवं डा० अरविन्द कुमार मिलन (बी.एड.) ल0ना0 मिथिला विश्वविघालय, दरभंगा के साथ विभागीय सभी शिक्षक उपस्थित थे ।

शिक्षाशास्त्र के निदेशक डा0 घनश्याम मिश्र के निर्देशन में शिक्षाशास्त्री छात्राध्यापकों के मध्य प्राथमिक उपचार से सम्बंधित जानकारी हेतु पहली वार विषय विषेषज्ञ के द्वारा दस दिवसीय विशेष कक्षा का आयोजन किया गया ।

राष्ट्रीय सेवा योजना समन्वयक के निर्देशानुसार एवं विभागीय निदेशक के निर्देशन में विश्वविघालय कैम्पस की पंचदिवसीय सफाई योजना कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया । जिसमें सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र/छात्राओं का योगदान सराहनीय रहा ।

शिक्षाशास्त्री विभाग ने अपने प्रतिष्ठत कमेश्वरसिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविघालय की गरिमा के अनुकुल कक्षीय कार्य का सम्पादन करते हुये छात्रहित को ध्यान में रखते हुए समय—समय— पर गोष्ठी, वाद—विवाद, भाषण प्रतियोगिता, सामुदायिक कार्य आदि का आयोजन किया जाता रहा है । विभाग के समस्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी परस्पर सौहार्दपूर्वक रहते हुए अपने—दायित्वों का समय प्रतिपादन करते रहे हैं ।

 

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